कवर्धा:-छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में अंधविश्वास से जुड़ा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। झलमला थाना क्षेत्र में एक बेटे पर अपनी ही मां की हत्या करने का आरोप लगा है। पुलिस के मुताबिक आरोपी बेटे ने मां के टोनही होने के संदेह में उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
मामला झलमला थाना क्षेत्र का है:-पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान 50 वर्षीय बतसिया बाई मेरावी के रूप में हुई है, जबकि आरोपी उसका 21 वर्षीय बेटा तुलसी राम मेरावी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी को अपनी मां के टोनही होने का शक था और इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था।
शक ने लिया हिंसक रूप:-पुलिस के मुताबिक आरोपी तुलसी राम मेरावी ने अपनी मां के साथ पहले विवाद किया। इसके बाद कथित तौर पर उसने लात-घूंसों और लकड़ी के डंडे से हमला कर दिया। हमले में महिला को गंभीर चोटें आईं। बताया जा रहा है कि मारपीट इतनी गंभीर थी कि महिला की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार:-सूचना मिलते ही झलमला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर संबंधित लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान आरोपी बेटे तुलसी राम मेरावी को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या की धाराओं के साथ छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि अंधविश्वास के कारण हुई इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
न्यायालय ने भेजा:-न्यायिक रिमांड पर गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस आगे की जांच में घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और परिस्थितियों का पता लगा रही है। यह घटना एक बार फिर अंधविश्वास और टोनही के नाम पर होने वाली हिंसा की गंभीर समस्या को सामने लाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण कई बार ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जिनमें परिवार के सदस्य ही एक-दूसरे के खिलाफ हिंसक हो जाते हैं। पुलिस और प्रशासन लगातार लोगों से अपील करते रहे हैं कि किसी भी व्यक्ति पर टोनही होने का आरोप लगाना कानूनन अपराध है। किसी भी विवाद या संदेह की स्थिति में कानून का सहारा लेना चाहिए, न कि हिंसा का रास्ता अपनाना चाहिए। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है और आरोपी के खिलाफ दर्ज प्रकरण के आधार पर जांच जारी है।








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