बिलाईगढ़-जिला सारंगढ़–बिलाईगढ़ के कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) जोइधा राम डहरिया ने शनिवार को विकासखंड बिलाईगढ़ के विभिन्न स्कूलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण की शुरुआत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेजेस टुंडरी से की गई, जहां उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों, व्यवस्थाओं और योजनाओं के क्रियान्वयन का विस्तृत अवलोकन किया। इसके बाद उन्होंने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टुंडरी पहुंचकर विद्यालय की संपूर्ण व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, कक्षा संचालन, विद्यार्थियों की उपस्थिति, नामांकन स्थिति तथा शिक्षकों की दैनंदिनी के रखरखाव की बारीकी से जांच की। उन्होंने विद्यालयों में संचालित विभिन्न शैक्षिक एवं छात्रहित योजनाओं—जैसे साइकिल वितरण योजना, छात्रवृत्ति, पेंशन प्रकरण एवं वित्तीय अभिलेख—का भी अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली।
DEO डहरिया ने विशेष रूप से उन विद्यार्थियों की उपस्थिति पर चिंता व्यक्त की जो लगातार अनुपस्थित पाए गए। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे विद्यार्थियों के पालकों से सीधे संपर्क स्थापित कर उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है और शाला प्रबंधन इस दिशा में सक्रिय पहल करे।
निरीक्षण के दौरान कुछ विद्यालयों में पाई गई कमियों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्य को आवश्यक सुधार कार्य तुरंत करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से स्वच्छता व्यवस्था, कक्षाओं में शिक्षण-सामग्री की उपलब्धता, समयपालन और प्रशासनिक अभिलेखों के अद्यतन रखने पर उन्होंने जोर दिया।
उन्होंने शिक्षकों को सख्त निर्देश दिए कि वे शाला समय का पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ पालन करें। उन्होंने कहा कि समय पर कक्षा में पहुंचना, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण देना और बच्चों को बेहतर सीखने का वातावरण प्रदान करना हर शिक्षक का नैतिक दायित्व है। शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए उन्होंने शिक्षकों को नियमित रूप से शिक्षण-योजना बनाकर पढ़ाने तथा कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर विशेष कक्षा संचालित करने के निर्देश भी दिए।
जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर देते हुए कहा कि विद्यालयों में न केवल शैक्षणिक गतिविधियों पर, बल्कि सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने प्राचार्यों से कहा कि वे विद्यालयों में खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विज्ञान मॉडल निर्माण तथा अन्य नवाचार गतिविधियों को बढ़ावा देकर बच्चों में आत्मविश्वास और रचनात्मकता विकसित करने के प्रयास करें।
निरीक्षण के अंत में उन्होंने सभी विद्यालयों को चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी भी विद्यालय में शासन की योजनाओं या शिक्षण कार्य में उदासीनता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारी या शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिले में शिक्षा स्तर को नई ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है और समय–समय पर ऐसे निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।
इस निरीक्षण अभियान से शिक्षकों में जहां जवाबदेही बढ़ी है, वहीं विद्यार्थियों एवं पालकों के बीच भी शिक्षण व्यवस्था को लेकर सकारात्मक संदेश गया है। जिला शिक्षा अधिकारी का यह दौरा बिलाईगढ़ ब्लॉक में शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने की दिशा में एक प्रभावी कदम माना जा रहा है।










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