टुंडरी, जोरा, और गाताडीह की सोसायटियों में तकनीकी बदलाव की मिसाल पेश कर रहे हैं ये कर्मचारी…
बिलाईगढ़-भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की सभी सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण की महत्वाकांक्षी योजना के तहत जिले की विभिन्न प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने का कार्य तेज़ी से चल रहा है। इस दिशा में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के विभिन्न शाखाओं में कार्यरत प्रबंधकों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने जिस समर्पण, तकनीकी दक्षता और उत्कृष्टता से कार्य किया है, वह वास्तव में प्रशंसनीय है।
इन्हीं प्रयासों को मान्यता देते हुए ज़िला प्रशासन द्वारा टुंडरी, जोरा और गाताडीह की सोसायटी में कार्यरत कुल पाँच कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इन कर्मचारियों को माननीय कलेक्टर महोदय, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के करकमलों से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल इन कर्मियों की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि सहकारी समितियों के भविष्य को डिजिटल युग में ले जाने की दिशा में मील का पत्थर भी है।
सम्मानित कर्मचारियों की सूची:-
1.श्री संतोष साहू प्रभारी प्रबंधक, सोसायटी टुंडरी
2.श्री फिरोज़ खान डाटा एंट्री ऑपरेटर, सोसायटी टुंडरी
3.श्री चंदन प्रसाद बघेल डाटा एंट्री ऑपरेटर, सोसायटी जोरा, शाखा भटगांव
4.श्री हीरालाल साहू प्रभारी प्रबंधक, सोसायटी गाताडीह, शाखा सरसीवा
5.श्री कृष्ण कुमार साहू — डाटा एंट्री ऑपरेटर, सोसायटी गाताडीह, शाखा सरसीवा
कंप्यूटरीकरण योजना:-सहकारिता को डिजिटल बनाना…
भारत सरकार द्वारा सहकारी समितियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की दिशा में देशभर में एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
इस योजना का उद्देश्य है:-
कार्य की पारदर्शिता बढ़ाना
लेन-देन की प्रक्रिया को सरल व सुलभ बनाना
डाटा प्रबंधन को सटीक और वास्तविक समय आधारित करना
किसानों और लाभार्थियों को डिजिटल सुविधा उपलब्ध कराना
इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक PACS को एक केंद्रीकृत पोर्टल से जोड़ा जा रहा है, जहां से ऋण वितरण, अनाज खरीदी, स्टॉक प्रबंधन, खाद-बीज वितरण जैसी सभी गतिविधियाँ पारदर्शी तरीके से की जा सकेंगी।
प्रशंसनीय योगदान:-मेहनत, तकनीक और समर्पण का संगम…
उक्त योजना के सफल क्रियान्वयन में ज़िला सारंगढ़-बिलाईगढ़ की कई सहकारी समितियाँ आगे बढ़ रही हैं। इनमें टुंडरी, जोरा और गाताडीह की सोसायटियाँ उल्लेखनीय हैं। इन समितियों में कार्यरत कर्मचारियों ने कंप्यूटरीकरण के प्रत्येक चरण डाटा संग्रहण, माइग्रेशन, सत्यापन, पोर्टल इंटीग्रेशन और प्रशिक्षण में शानदार काम किया है।
टुंडरी सोसायटी में नवाचार की मिसाल…
श्री संतोष साहू (प्रभारी प्रबंधक) और श्री फिरोज़ खान (डाटा एंट्री ऑपरेटर) ने टुंडरी सोसायटी में कंप्यूटरीकरण को रिकॉर्ड समय में पूर्ण किया। ग्रामीण क्षेत्र की तकनीकी सीमाओं के बावजूद इन्होंने लगातार कार्य कर डाटा अपलोड, सदस्य सत्यापन और ऋण विवरणी को सफलतापूर्वक डिजिटल किया।
जोरा (शाखा भटगांव) में उत्कृष्ट डाटा प्रबंधन…
श्री चंदन प्रसाद बघेल, जो कि डाटा एंट्री ऑपरेटर हैं, ने अपने सीमित संसाधनों के बावजूद सिस्टम इंटीग्रेशन को सुचारु बनाया और पोर्टल पर समय से पहले सभी आवश्यक आँकड़े अपलोड किए। इनकी कार्यकुशलता के चलते समिति ने अपनी सेवाओं को ऑनलाइन करने में उल्लेखनीय गति प्राप्त की।
गाताडीह सोसायटी (शाखा सरसीवा) में टीमवर्क की ताकत…
यहां प्रभारी प्रबंधक हीरालाल साहू और डाटा एंट्री ऑपरेटर कृष्ण कुमार साहू की टीम ने मिलकर ग्रामीण किसानों के डाटा को ऑनलाइन पोर्टल से जोड़ा। इन्होंने न केवल तकनीकी बाधाओं को पार किया, बल्कि लाभार्थियों को डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी देकर जागरूकता भी फैलाई।
कलेक्टर महोदय ने की सराहना…
सम्मान समारोह में जिला कलेक्टर महोदय ने सभी कर्मचारियों की मेहनत और योगदान की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा डिजिटल इंडिया का सपना तभी साकार होगा जब हमारी ज़मीनी संस्थाएं, विशेषकर ग्रामीण सहकारी समितियाँ, तकनीकी रूप से सशक्त बनें। ये कर्मचारी न केवल इस परिवर्तन के वाहक हैं, बल्कि भविष्य की सहकारी व्यवस्था के निर्माता भी हैं।
उन्होंने अन्य समितियों के कर्मियों से भी आग्रह किया कि वे इन कर्मचारियों से प्रेरणा लें और अपने-अपने क्षेत्रों में कंप्यूटरीकरण को प्राथमिकता दें।
सफलता की कहानी:-किसानों को मिल रही सुविधा…
कंप्यूटरीकरण के बाद समितियों के कार्यों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है:-
किसानों को अब ऑनलाइन रसीदें मिल रही हैं
खाद और बीज वितरण की पारदर्शिता बढ़ी है
ऋण वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई है
किसानों को अपने खातों की जानकारी मोबाइल पर मिलने लगी है
यह सब कुछ संभव हो सका है इन समर्पित कर्मचारियों के परिश्रम और टीम भावना के कारण।
भविष्य की दिशा:-डिजिटल सहकारिता की ओर…
कलेक्टर महोदय ने यह भी बताया कि आने वाले समय मेंसभी PACS को कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) से जोड़ा जाएगा किसानों के लिए मोबाइल ऐप सुविधा शुरू होगी,समिति स्तर पर ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे,समितियों को साइबर सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश भी दिए जाएंगे।
मेहनत का मिला फल, प्रेरणा बनी टीम…
टुंडरी, जोरा और गाताडीह की सहकारी समितियों ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि तकनीक को अपनाने की इच्छाशक्ति हो, तो कोई भी संसाधन बाधा नहीं बन सकता। इन कर्मचारियों ने न केवल सहकारिता मंत्रालय की योजना को सफल बनाया, बल्कि यह भी दिखाया कि एक समर्पित टीम किस प्रकार ग्रामीण भारत को डिजिटल युग में ले जा सकती है।
इस सम्मान ने निश्चित ही अन्य समितियों के कर्मचारियों को भी प्रेरित किया है, और आने वाले दिनों में सहकारिता प्रणाली के और अधिक आधुनिक तथा पारदर्शी होने की उम्मीद की जा रही है।










Users Today : 48
Users Yesterday : 201
Users Last 7 days : 1439
Users Last 30 days : 3300