सारंगढ़-जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और स्कूली बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को IDA (Mass Drug Administration) कार्यक्रम के अंतर्गत शासकीय एवं निजी विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम सलोनी और उलखर स्थित स्कूलों में स्वास्थ्य मानकों की गहन समीक्षा की गई।
जिला स्तरीय निरीक्षण दल का नेतृत्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. एफ. आर. निराला ने किया। उनके साथ आयुष्मान भारत योजना के जिला समन्वयक रोशन सचदेव भी उपस्थित रहे। टीम ने विद्यालयों में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति और क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कृमि मुक्ति और हाथीपांव जैसी बीमारियों से बचाव के लिए चल रहे दवा सेवन अभियान की स्थिति की जांच की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सभी पात्र बच्चों को शिक्षकों की उपस्थिति में दवा का सेवन अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि अभियान का शत-प्रतिशत लाभ मिल सके।
इसके अलावा ‘साप्ताहिक आयरन एवं फोलिक एसिड अनुपूरण’ (WIFS) कार्यक्रम के अंतर्गत उपलब्ध दवाओं के स्टॉक एवं बच्चों द्वारा नियमित सेवन की जानकारी भी ली गई। संबंधित स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किया गया कि आयरन की गोलियों का नियमित वितरण सुनिश्चित किया जाए और उसका उचित रिकॉर्ड संधारित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान आयुष्मान भारत योजना के तहत बच्चों के आयुष्मान कार्ड की उपलब्धता और उनके रिकॉर्ड संधारण की भी जांच की गई। डॉ. निराला ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी पात्र बच्चा आयुष्मान योजना के लाभ से वंचित न रहे तथा आवश्यक दस्तावेजों का अद्यतन रिकॉर्ड स्कूल स्तर पर रखा जाए।
इस अवसर पर डॉ. एफ. आर. निराला ने कहा, “बच्चों का स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता है। स्कूलों में संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों का सही क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए यह निरीक्षण किया गया है, ताकि दवा सेवन और रिकॉर्ड संधारण में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।”
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में स्वास्थ्य योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग जारी रहेगी और आवश्यकतानुसार आगे भी औचक निरीक्षण किए जाएंगे।









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