बिलाईगढ़-नगर पंचायत पवनी में संपत्ति कर और समेकित कर को लेकर नागरिकों में बढ़ते असंतोष के बीच बुधवार को नगर के विभिन्न वार्डों के रहवासियों ने रैली निकालकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान नागरिकों ने कर निर्धारण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पारदर्शिता की मांग की और संबंधित नियमावली की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 01, 04, 05 और 06 सहित ग्राम पवनी के नागरिक बड़ी संख्या में एकत्रित होकर नगर में रैली के रूप में निकले और नगर पंचायत कार्यालय पहुंचकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। नागरिकों का कहना है कि हाल ही में नगर पंचायत द्वारा संपत्ति कर और समेकित कर जमा करने के लिए बिल सूचना भेजी गई है, लेकिन इन बिलों में कई प्रकार की त्रुटियां और विसंगतियां दिखाई दे रही हैं।
नागरिकों ने ज्ञापन में बताया कि नगर पंचायत द्वारा संपत्ति कर की राशि किस आधार पर निर्धारित की गई है, इसकी स्पष्ट जानकारी नागरिकों को नहीं दी गई है। नागरिकों ने मांग की है कि संपत्ति कर निर्धारण से संबंधित नियमावली की सत्यापित छायाप्रति उपलब्ध कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कर की राशि किस प्रक्रिया और नियम के तहत तय की गई है।
इसी प्रकार नागरिकों ने समेकित कर को लेकर भी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्र में साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। इसके बावजूद नागरिकों पर समेकित कर का भार डाला जा रहा है। लोगों का कहना है कि जब नगर में नियमित सफाई, कचरा प्रबंधन, नाली व्यवस्था जैसी सुविधाएं ठीक से उपलब्ध नहीं हैं, तो ऐसे में समेकित कर लगाना उचित नहीं है।
नागरिकों ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया है कि कई घरों में एक ही भवन के भीतर तीन से चार परिवार निवास कर रहे हैं। ऐसे मामलों में संपत्ति कर की राशि भवन के वैल्यूएशन के आधार पर तीन या चार हिस्सों में विभाजित कर दी गई है, लेकिन समेकित कर प्रत्येक परिवार के नाम से अलग-अलग जोड़ा गया है। नागरिकों का कहना है कि यह व्यवस्था न्यायसंगत नहीं है। उनका तर्क है कि जिस प्रकार संपत्ति कर को विभाजित किया गया है, उसी प्रकार समेकित कर को भी अनुपात के आधार पर विभाजित कर प्रत्येक परिवार के नाम दर्ज किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है।
नागरिकों ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या बिना पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराए नगर पंचायत द्वारा कर वसूली की जा सकती है। यदि ऐसा कोई नियम है, तो उसकी जानकारी भी सार्वजनिक की जानी चाहिए। नागरिकों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि संबंधित नियमावली की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं, ताकि नागरिकों को कर प्रणाली की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।
ज्ञापन में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा यह उठाया गया है कि संपत्ति कर और अन्य कर लगाने से पहले क्या नगर पंचायत द्वारा प्रारंभिक सूची का प्रकाशन किया गया था या नहीं। नागरिकों का कहना है कि नियमानुसार पहले प्रारंभिक सूची प्रकाशित कर आम नागरिकों से दावा-आपत्ति आमंत्रित की जानी चाहिए थी। इसके बाद आपत्तियों के निराकरण के पश्चात अंतिम सूची प्रकाशित कर नगर पंचायत से अनुमोदन प्राप्त कर कर निर्धारण किया जाना चाहिए।
नागरिकों ने मांग की है कि यदि इस प्रक्रिया का पालन किया गया है तो उसके दस्तावेज भी सार्वजनिक किए जाएं। साथ ही प्रारंभिक सूची, दावा-आपत्ति, अंतिम प्रकाशन और नगर पंचायत से प्राप्त अनुमोदन की सत्यापित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं।
इसके अलावा नागरिकों ने यह भी मांग की है कि गृह कर नियमों के अनुसार कर की राशि किस प्रकार निर्धारित की जाती है, इसकी स्पष्ट जानकारी दी जाए। साथ ही प्रत्येक वार्ड के लिए कर निर्धारण का गणना पत्रक भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि नागरिकों को यह समझ में आ सके कि उनके ऊपर लगाया गया कर किस आधार पर तय किया गया है।
रैली में शामिल नागरिकों ने यह भी कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहद कमजोर है, जिसके कारण लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि गंदगी और अव्यवस्था के कारण लोग मानसिक रूप से परेशान हैं, जो कि एक गंभीर चिंता का विषय है।
रैली के दौरान नागरिकों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखते हुए प्रशासन से पारदर्शिता और न्यायपूर्ण व्यवस्था की अपेक्षा जताई। नागरिकों का कहना है कि उनका उद्देश्य प्रशासन के साथ टकराव करना नहीं है, बल्कि वे चाहते हैं कि कर व्यवस्था स्पष्ट, न्यायसंगत और नियमों के अनुरूप हो।
ज्ञापन के अंत में नागरिकों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी से अनुरोध किया है कि ज्ञापन के बिंदु क्रमांक 01 से 06 तक का विस्तृत और स्पष्ट उत्तर दिया जाए, ताकि नगर के नागरिक संतुष्ट हो सकें। नागरिकों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो नगर पंचायत के सभी करदाता आगे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में वार्डवासियों और मोहल्लेवासियों ने हस्ताक्षर कर अपनी सहमति और समर्थन दर्ज कराया। इस मौके पर नागरिकों ने नगर पंचायत प्रशासन से जल्द से जल्द स्थिति स्पष्ट करने और समस्याओं का समाधान करने की मांग की।










Users Today : 15
Users Yesterday : 201
Users Last 7 days : 1406
Users Last 30 days : 3267